ले लो मुझको शरण में मेरी माई मैं कब से थारे द्वार खड्यों

ले लो मुझको शरण में मेरी माई, मैं कब से थारे द्वार खड्यो I

ले लो मुझको शरण में मेरी माई, मैं कब से थारे द्वार खड्यो I

ले लो मुझको शरण में मेरी माई, मैं कब से थारे द्वार खड्यो I

मोह-माया के जाल में फंस कर, भूल गया माँ तुझको I

चेत हुआ तब तक ले डूबी, सारी उमरिया मुझको I

भूल-चूक मेरी माफ भी करदो, ले लो शरण में मुझको I

माई, सुनलो मेरी अरदास, मैं कब से थारे द्वार खड्यों I

ले लो मुझको शरण में मेरी माई, मैं कब से थारे द्वार खड्यो II [1]

धन-दोलत मैं कुछ नहीं मांगू , साथ नहीं कुछ जाए I

मैं तो बस इतना सा मांगू , साथ तेरा मिल जाए I

तेरा साथ हैं मेरा ठिकाना, तुम बिन रहा ना जाए I

मैं तो कब से पुकारूं थारो नाम, दादीजी मेरी बात सुनो I

ले लो मुझको शरण में मेरी माई, मैं कब से थारे द्वार खड्यो II [2]

रात-रात भर नींद ना आए, सुमरूं थारो नाम I

तड़प-तड़प के प्रेम में थारे, हो गयो मैं बेकाम I

पल-पल थारी याद सताए, मिले ना कोई मुकाम I

मैं तो कब से पुकारूं थारो नाम, दादीजी मेरी बात सुनो I

ले लो मुझको शरण में मेरी माई, मैं कब से थारे द्वार खड्यो II [3]

एक बार तो मिल लूँ तुझसे, मन हल्का हो जाए I

जन्म-जन्म के फेरों से माँ, संकट तो टल जाए I

पल-पल तेरी राह निहारूं, अंखियाँ नीर बहाए I

सीधा-सच्चा प्रेम है मेरा, क्यों मुझको बिसराए I

मैं तो कब से पुकारूं थारो नाम, दादीजी मेरी बात सुनो I

ले लो मुझको शरण में मेरी माई, मैं कब से थारे द्वार खड्यो II [4]